शनिवार, 23 फ़रवरी 2019

गणेश जी की व्यथा


गणेश जी की व्यथा


गणेश जी ने व्यथा सुनाई

माँ पार्वती के आगे

इतनी सर्दी पड़ रही माँ

कैसे कोई  नींद से जागे



भक्तजन जगा देते है

घंटी बजा बजा कर

लड्डुओं का लोभ दिखलाते

थाल सजा सजा कर



ठन्डे ठन्डे पानी से

रोज पुजारी नहलाता

कितनी भी सर्दी लग जाए

छींक कभी ना मैं पाता



कपडे तुमने कम पहनाये

कुछ तो ब्रांडेड दिलवा दो

बुना ना जाता स्वेटर तुमसे

उनी कुछ भी सिलवा दो



बात मेरी बहुत है ख़ास

मुझ पर तुम कर लो विश्वास

बिगड़ रही है सेहत मेरी

हफ्ते में दे दो एक अवकाश

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